What will be the consequences of the war between the United States and Iran?अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के क्या परिणाम होंगे ?

What will be the consequences of the war between the United States and Iran?

What will be the consequences of the war between the United States and Iran?अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के क्या परिणाम होंगे ?

यदि होता है तो — यह युद्ध अमेरिका व चीन के बीच होगा, और इस युद्ध में सबसे बड़ी कीमत भारत को चुकानी पड़ेगी !! भारत की तरह ही ईरान भी अपने हथियार खुद से नहीं बनाता। मतलब वो अपने बूते युद्ध में जाने का फैसला नहीं कर सकता। ईरान में चीन ने अकूत डॉलर निवेश किये हुए है। इसे बचाने के लिए चीन को युद्ध में आना पड़ेगा। 
.
जिस तरह अमेरिका भारत को तेजी से टेक ओवर कर रहा है, उसी तरह से चीन भी पाकिस्तान को कब्जे में ले चुका है। अत: इस युद्ध में चाहे-अनचाहे पाकिस्तान को भी आना पड़ेगा। ईरान+पाकिस्तान+चीन से अमेरिका तब तक नहीं लड़ सकता जब तक वह भारत की जमीन, सेना और संसाधनों का इस्तेमाल न करे। सीधे शब्दों में ईरान एवं अमेरिका के युद्ध में भारत भयंकर रूप से तबाह हो जाएगा। बच गये तो यह किस्मत की बात है। 

.
यदि युद्ध हुआ तो इसका दायरा

Pakistan+China+ North Korea+ Afghanistan ( Russia)
Vs 
India+America+France+Australiya+Israel +South Koria+Japan

तक फ़ैल जाएगा। जंग का मैदान भारत-पाकिस्तान की जमीन होगी। मतलब भारत और पाकिस्तान टोटल लोस में रहेंगे।
.                                                                                                                                                                          

अमेरिका भारत से COMCASA Agreement?  पहले ही कर चुका है। यदि आप पेड मीडिया में निचे दी गयी घटनाएं देखे तो समझ लीजिये कि अमेरिका चीन ( ईरान) से युद्ध से तैयारी कर रहा है। 
.                                             
(01) जो जबान आज बीजेपी=संघ के नेता बोलते है, वही जबान देश की सभी पार्टियों के नेता बोलने लगेंगे। 
.
(02) अमेरिका भारत को धमकाकर नाटो का सदस्य बनने के लिए मजबूर करेगा, ताकि भारत की सेना एवं जमीन का इस्तेमाल किया जा सके। पेड मीडिया में इसे सरकार की उपलब्धि और अमेरिका से बेहतर संबंधो के रूप में प्रचारित किया जाएगा। 
.
(03) टोकन के रूप में अमेरिका की सेनाएं भारत में उतरेगी एवं अपने बेस बनाएगी। पेड मीडिया में इसे बताया जाएगा कि अब चीन की खैर नहीं है !! इसे भी पेड मीडिया में सकारात्मक रूप से दिखाया जाएगा। 
.
(04) अमेरिकी कम्पनियां भारतीय सेना को बड़े पैमाने पर हथियार बेचेगी। भारतीय सेना की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। पेड मीडिया में बताया जाएगा कि इन हथियारों के आने से चीन एवं पाकिस्तान घबरा गए है !!
.
(05) जिस तरह आज चीन की सेना जब चाहे तब भारत की सीमा में घुस आती है, उसी तर्ज पर भारत की सेना चीन में घुसपैठ करना शुरू करेगी। ताकि चीन को उकसाया जा सके। पेड मीडिया में बताया जाएगा कि मजबूत नेता के आने से अब भारत मजबूत हो गया है, और चीन को सबक सिखा रहा है !!
.
(06) बीजेपी=संघ नेताओं की तरह ही अन्य पार्टियो के नेता भी अचानक से मुस्लिमो एवं पाकिस्तान के खिलाफ हो जायेंगे और बेहद भड़काऊ बयान देने लगेंगे। ( कोंग्रेस एवं सपा आदि के नेता भी ऐसा ही करेंगे !! )
.
(07) रूस से भारत के रिश्ते और भी खराब होंगे। 
.
(08) सड़को पर सांप्रदायिक मोब लिंचिग बढ़ जायेगी, और इन्हें पेड मीडिया में बड़े पैमाने पर रिपोर्ट किया जाएगा। गाय पर झगड़ा और भी बढ़ेगा और इससे साम्प्रदायिक तनाव बढेगा। कुल मिलाकर पेड मीडिया भारत के नागरिको को युद्ध के लिए उसी तरह से चाबी देगा जिस तरह से पुलवामा हमले के बाद दे रहा था। 
.
(09) वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की तर्ज पर अमेरिका-फ़्रांस-ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर आतंकी हमले होंगे, और सैंकड़ो जाने जायेगी। इस तरह के हमलो से अमेरिका-ब्रिटेन-फ़्रांस की जनता भी युद्ध में जाने के लिए तैयार हो जायेगी। 
.
(10) अमेरिका-फ़्रांस-ब्रिटेन के शीर्ष राजनेताओं के दौरे भारत में अचानक बढ़ जायेंगे।
.
(11) भारत के मंत्री, सांसद, जज आदि भारत छोड़ने लगेंगे, और शीर्ष उद्योगपति अपना निवेश बाहर ले जायेंगे। 

यदि आप ये सब होता देखते है तो समझिये कि अमेरिका चीन के खिलाफ युद्ध में भारत का इस्तेमाल ऊंट की तरह करने की तैयारी कर रहा है।
.
बाकी हथियारों की बात तो जाने दीजिये, भारतीय सेना बंदूको के लिए भी विदेशियों पर निर्भर है। मीडिया से लेकर, डिजिटल इण्डिया, इंटरनेट, बैंक, ऊर्जा, तेल समेत हमारा पूरा देश अमेरिकी चला रहे है। मतलब हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। यदि हम अमेरिका के आदेशो का पालन न करेंगे तो वे पूरे देश को ठप कर सकते है। अत: अमेरिका एवं ईरान ( चीन ) के बीच युद्ध होता है, तो यह भारत के लिए बहुत बुरी खबर है। हम अब तक इसीलिए टिके हुए है, क्योंकि हम युद्ध से बचते आ रहे है। एक बार यदि हम युद्ध की चपेट में आ गए तो बचने का रास्ता नहीं है। हम सिर्फ गंवाने वाले है। यहाँ तक कि युद्ध से गुजरने के दौरान हमारा इराकीकरण हो जाने की सम्भावना भी प्रबल है !! 
.
अभी हम एयर स्ट्राइक इसीलिए कर पाए थे क्योंकि इस्राएल ने ( अमेरिका की अनुमति से ) हमें लेसर गाइडेड बम के कोड दिए थे। यदि अमेरिका हमे कोड न देता तो हमें बयानों में ही स्ट्राइक करनी पड़ती थी। उल्लेखनीय है कि लेसर गाइडेड बम एक कोम्प्लेक्स वेपन है और इन्हें इस्तेमाल से पहले एक्टिवेट करने के लिए निर्यातक देश से इसके कोड लेने होते है। यदि निर्यातक देश कह दे कि अभी स्ट्राइक नहीं करनी है, तो मामला खतम !! 

युद्ध सबसे बड़ा खतरा है जिसकी हम लगातार अनदेखी कर रहे है। किन कानूनों को गेजेट में छापने से हम अपनी सेना को आत्मनिर्भर बनाकर युद्ध के लिए तैयार कर सकते है, जानने के लिए मेरे फेसबुक किस्तुरा राम चौधरी को फोलो करे।
.
यदि हम अपने आप को युद्ध के लिए आत्मनिर्भर बना लेते है तो युद्ध टल जाएगा। युद्ध से बचने का सिर्फ ये ही रास्ता है। ईरान भी आत्मनिर्भर नहीं है, इसीलिए उसे युद्ध में धकेला जाएगा। रूस पर्याप्त रूप से आत्मनिर्भर है, अत: उसे कोई युद्ध में नहीं खींच सकता। हथियारों के निर्माण में आत्मनिर्भर हुए बिना युद्धों से नहीं बचा जा सकता। आज बचेंगे तो कल फंसेंगे। और कल भी बच जायेंगे तो परसों फंस जायेंगे। और बचने की कीमत हमें उसी तरह से चुकानी होगी जैसे आज चुका रहे है। मतलब - ऍफ़ डी आई की अनुमति।