Rajasthan: अशोक गहलोत ने कहा- राजस्थान में कल रात से हॉर्स ट्रेडिंग का ‘रेट’ बढ़ा

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान सामने आया है। कल रात से जब से विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा हुई है, राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त का ‘रेट’ बढ़ गया है। इससे पहले पहली किश्त 10 करोड़ और दूसरी किश्त 15 करोड़ रुपये थी। अब यह असीमित हो गई है। सब लोग जानते हैं कौन लोग खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। बता दें कि राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच राज्यपाल कलराज मिश्र बुधवार को विधानसभा सत्र बुलाने पर सहमत हुए थे। राज्य में 14 अगस्त से सत्र की शुरुआत होगी। इसके लिए गुरुवार (30 जुलाई) को विधानसभा स्पीकर ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आज एक बार फिर कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक हुई। जयपुर के होटल फेयरमोंट में बैठक के दौरान राज्य के सियासी संकट और आगे की रणनीति पर मंथन किया गया। मायावती मजबूरी में बयान दे रही हैं उधर, बीएसपी प्रमुख मायावती पर हमला करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि वह मजबूरी में बयान दे रही हैं। उनकी शिकायत वाजिब नहीं है। दरअसल, 6 विधायकों ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और फिर सभी कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद बसपा ने हाईकोर्ट का रुख किया। राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार को इन विधायकों और स्पीकर को नोटिस जारी किया। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा था कि बीएसपी पहले भी कोर्ट जा सकती थी, लेकिन हम उस समय का इंतजार कर रहे थे, जब अशोक गहलोत और कांग्रेस को सबक सिखाई जा सके। टाइमलाइन: -14 जुलाई: सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्यता का नोटिस दिया और 17 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे तक जवाब मांगा। -16 जुलाई: सभी 19 विधायकों ने नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। उधर, व्हिप चीफ महेश जोशी ने सरकार की तरफ से कैविएट लगा दी कि कोई भी फैसला किए जाने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए। -17 जुलाई: हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई की और दो जजों की बेंच में मामला भेजा। इस बेंच ने 18 जुलाई को सुनवाई तय की। -18 जुलाई: हाईकोर्ट ने स्पीकर से कहा कि वे 21 जुलाई तक नोटिस पर कार्रवाई नहीं करें और अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की।  -20 जुलाई: हाईकोर्ट ने बहस पूरी न हो पाने के कारण कहा- 21 जुलाई को भी सुनवाई होगी। -21 जुलाई: हाईकोर्ट ने 24 जुलाई के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया। स्पीकर को भी तब तक के लिए कोई निर्णय नहीं करने के लिए कहा। -22 जुलाई: स्पीकर सीपी जोशी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।  -23 जुलाई: कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। शाम को पायलट खेमे ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की। -24 जुलाई: हाईकोर्ट ने विधायकों की अयोग्यता को नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका को सही मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा है। इस मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।  -27 जुलाई: राजस्थान विधानसभा स्पीकर ने 19 विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली। -29 जुलाई: स्पीकर ने फिर से सचिन पायलट समेत 19 बागी विधायकों को अयोग्य करार देने लिए जारी नोटिस पर यथा स्थिति बनाए रखने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....Hike in horse trading 'rates' after announcement of assembly session: Rajasthan CM. ..

Rajasthan: अशोक गहलोत ने कहा- राजस्थान में कल रात से हॉर्स ट्रेडिंग का ‘रेट’ बढ़ा
डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बयान सामने आया है। कल रात से जब से विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा हुई है, राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त का ‘रेट’ बढ़ गया है। इससे पहले पहली किश्त 10 करोड़ और दूसरी किश्त 15 करोड़ रुपये थी। अब यह असीमित हो गई है। सब लोग जानते हैं कौन लोग खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। बता दें कि राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच राज्यपाल कलराज मिश्र बुधवार को विधानसभा सत्र बुलाने पर सहमत हुए थे। राज्य में 14 अगस्त से सत्र की शुरुआत होगी। इसके लिए गुरुवार (30 जुलाई) को विधानसभा स्पीकर ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आज एक बार फिर कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक हुई। जयपुर के होटल फेयरमोंट में बैठक के दौरान राज्य के सियासी संकट और आगे की रणनीति पर मंथन किया गया। मायावती मजबूरी में बयान दे रही हैं उधर, बीएसपी प्रमुख मायावती पर हमला करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि वह मजबूरी में बयान दे रही हैं। उनकी शिकायत वाजिब नहीं है। दरअसल, 6 विधायकों ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और फिर सभी कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद बसपा ने हाईकोर्ट का रुख किया। राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार को इन विधायकों और स्पीकर को नोटिस जारी किया। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा था कि बीएसपी पहले भी कोर्ट जा सकती थी, लेकिन हम उस समय का इंतजार कर रहे थे, जब अशोक गहलोत और कांग्रेस को सबक सिखाई जा सके। टाइमलाइन: -14 जुलाई: सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्यता का नोटिस दिया और 17 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे तक जवाब मांगा। -16 जुलाई: सभी 19 विधायकों ने नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। उधर, व्हिप चीफ महेश जोशी ने सरकार की तरफ से कैविएट लगा दी कि कोई भी फैसला किए जाने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए। -17 जुलाई: हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई की और दो जजों की बेंच में मामला भेजा। इस बेंच ने 18 जुलाई को सुनवाई तय की। -18 जुलाई: हाईकोर्ट ने स्पीकर से कहा कि वे 21 जुलाई तक नोटिस पर कार्रवाई नहीं करें और अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की।  -20 जुलाई: हाईकोर्ट ने बहस पूरी न हो पाने के कारण कहा- 21 जुलाई को भी सुनवाई होगी। -21 जुलाई: हाईकोर्ट ने 24 जुलाई के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया। स्पीकर को भी तब तक के लिए कोई निर्णय नहीं करने के लिए कहा। -22 जुलाई: स्पीकर सीपी जोशी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।  -23 जुलाई: कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। शाम को पायलट खेमे ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की। -24 जुलाई: हाईकोर्ट ने विधायकों की अयोग्यता को नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका को सही मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा है। इस मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।  -27 जुलाई: राजस्थान विधानसभा स्पीकर ने 19 विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली। -29 जुलाई: स्पीकर ने फिर से सचिन पायलट समेत 19 बागी विधायकों को अयोग्य करार देने लिए जारी नोटिस पर यथा स्थिति बनाए रखने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....Hike in horse trading 'rates' after announcement of assembly session: Rajasthan CM. ..