Delhi Election: प्रचार खत्म, दो दिन बाद 672 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे डेढ़ करोड़ मतदाता

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर 8 फरवरी को मतदान होंगे। वहीं आज (गुरुवार) शाम के बाद से चुनावी प्रचार पर रोक लगा दी गई है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। ऐसे देखना होगा कि दिल्ली...

Delhi Election: प्रचार खत्म, दो दिन बाद 672 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे डेढ़ करोड़ मतदाता

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर 8 फरवरी को मतदान होंगे। वहीं आज (गुरुवार) शाम के बाद से चुनावी प्रचार पर रोक लगा दी गई है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। ऐसे देखना होगा कि दिल्ली की जनता किसे अपना बनाती है और किसे नकारती है। इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच देखा जा रहा है। वहीं कांग्रेस भी सत्ता में आने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है। AAP मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। पार्टी के नेताओं ने पिछले 5 साल में किए गए विकास कार्य गिनाकर वोट मांगे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिना किसी चेहरे के चुनावी मैदान में कूदी है। भाजपा के प्रचार की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने खुद संभाली और केंद्रीय स्तर पर लिए गए फैसलों को लेकर जनता के बीच पहुंचे। भाजपा ने इस बार राष्ट्रीयता और शाहीन बाग को मुख्य मुद्दा बनाकर प्रचार किया है। वहीं कमजोर नजर आ रही कांग्रेस दिल्ली में अपनी छवि सुधारने की कोशिश करती दिखी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने चुनावी सभाएं कर कांग्रेस के लिए वोट मांगे। कांग्रेस ने ​सीएए, एनआरसी और एनपीआर को मुख्य मुद्दा बनाए रखा और सरकार की गलतियां गिनाकर वोट मांगने की कोशिश की। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार दिल्ली के चुनाव में आप को छोड़कर कोई भी पार्टी विकासकार्यों के मुद्दे पर चुनाव लड़ती दिखाई नहीं देती। आईए हम आपको बताते हैं दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 में कौन सी पार्टी किन-किन तैयारियों के साथ उतरी है...

शहीन बाग बना बढ़ा मुद्दा
कई सर्वे में दावा किया गया है कि आखिरी दिनों में शाहीन बाग हिंसा और कपिल गुर्जर के कारण चुनावी रुख पलटने में मदद मिली और इसका फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है। ऐसे में दिल्ली के 25 लाख मुस्लिम मतदाताओं में अधिकतर नहीं चाहतें है कि इस बार वोटों का बंटवारा हो। इनमें से ज्यादातर मतदाताओं की पहली पसंद आम आदमी पार्टी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जामिया के पास चल रहे प्रदर्शन में भी हवा आम आदमी पार्टी के समर्थन में जाती दिख रही है। कुछ ऐसे वोटर भी हैं जो कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए कामों को याद रखे हैं और हमेशा की तरह वे इस साल भी अपना वोट कांग्रेस को ही देंगे। दिल्ली की राजनीति में ऑटो वाले महत्वपूर्ण धुरी हैं, क्योंकि इनके माध्यम से राजनीतिक दलों को मुफ्त प्रचार मिलता है।

इस चुनावी दंगल में 93 से अधिक राजनीतिक दल मैदान में नजर आएंगे। 8 फरवरी को होने वाले मतदान में 1,46,92,136 मतदाता चुनावी मैदान में मौजूद कुल 672 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। दिल्ली की सभी विधानसभा सीटों पर मतदान के लिए 13750 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। बीजेपी और कांग्रेस सहित 6 राष्ट्रीय दलों के अलावा 'आप' तथा अन्य पंजीकृत राज्य स्तरीय पार्टियों के कुल 672 उम्मीदवार जिनमें 593 पुरुष और 79 महिलाएं चुनाव मैदान में हैं। इनमें 148 निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं। राष्ट्रीय दलों में बीजेपी और कांग्रेस ने 67-66, बसपा ने 68, सीपीआई, सीपीएम ने 3-3 और एनसीपी ने 5 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं। वहीं अन्य पंजीकृत राज्यस्तरीय दलों के 243 उम्मीदवार चुनावी मैदन में खड़े हैं। सबसे ज्यादा 28 उम्मीदवार नई दिल्ली सीट से हैं, जबकि सबसे कम 4 उम्मीदवार पटेल नगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

की पॉइंट
दिल्ली में पहला विधानसभा चुनाव 1993 में हुआ था।
बीजेपी बहुमत हासिल कर दिल्ली की सत्ता के सिंहासन पर काबिज हुई थी।
पहली बार भाजपा ने 1993 में दिल्ली की 70 में से 49 सीटें जीतकर मदन लाल खुराना के नेतृत्व में सरकार बनाई थी।

बयानबाजी 

  • केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के दौरान अपने भाषण में कहा कि अब भाजपा वालों को हनुमान चालीसा पढ़वाऊंगा।
  • राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि ये जो नरेंद्र मोदी भाषण दे रहा है, 6 महीने बाद ये घर से बाहर नहीं निकल पाएगा। हिंदुस्तान के युवा इसको ऐसा डंडा मारेंगे, इसको समझा देंगे कि हिंदुस्तान के युवा को रोजगार दिए बिना ये देश आगे नहीं बढ़ सकता।
  • गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा के घर में जाट सम्मेलन को संबोधित कर कहा कि कई पीढ़ियां चली गईं, अब तपस्या पूरी हुई। राम मंदिर पर अदालत के फैसले से अब साफ हो गया है कि देश में विचारधारा बदली है। 
  • कपिल मिश्रा ने कुछ दिन पहले एक ट्वीट में कहा था कि 8 फरवरी को दिल्ली में हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान मुकाबला होगा। विवादित बयानों की वजह से उन पर 48 घंटे का प्रचार प्रतिबंध लग चुका है।

मतदाता 1,46,92,136
पुरुष
80,55,686
54.83%

महिला
66,35,635
45.16%

थर्ड जेंडर
815
0.01%

चुनावी कैलेंडर

  • अधिसूचना जारी- 14 जनवरी
  • नामांकन भरने की अंतिम तारीख- 21 जनवरी
  • नामांकन की जांच- 22 जनवरी
  • नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख - 24 जनवरी
  • मतदान का दिन - 8 फरवरी सुबह 8 से शाम 6 बजे तक
  • चुनाव परिणाम - 11 फरवरी

सीटें और गठबंधन
AAP सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है, तो वही कांग्रेस ने 66 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। लेकिन मुकाबले में कांग्रेस के साथ गठबंधन में लालूप्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल RJD चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है। दूसरी औऱ दुनिया का सबसे बड़ा राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव में 67 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बाकी सीटें उसे गठबंधन सहयोगियों लोक जनशक्ति पार्टी और जनता दल यूनाइटेड को दी गई हैं। भाजपा ने जेडीयू के लिए दो सीटों को अलग कर दिया है। जिसके साथ वह इस साल के अंत में बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। शिरोमणि अकाली दल दिल्ली चुनाव में भाजपा का समर्थन कर रहा है।

शीर्ष उम्मीदवार 
कांग्रेस- कांग्रेस प्रत्याशियों के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हैं बागी नेता आदर्श शास्त्री जो AAP छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए वह द्वारका विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 2015 में AAP के टिकट पर दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने वाली अलका लांबा जिन्होनें पिछले चुनाव में जीत हासिल की थी। इस बार वह कांग्रेस के टिकट पर चांदनी चौक विधानसभा से कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार हैं।जिनका मुकाबला अपनी पुरानी पार्टी के प्रत्याशी प्रहलाद सिंह से होगा। कांग्रेस ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष योगानंद शास्त्री की बेटी प्रियंका सिंह को आरके पुरम से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया गया है।जिनकी टक्कर आप की पर्मिला टोकस औऱ बीजेपी के अनिल शर्मा से होगी।

आम आदमी पार्टी- दिल्ली चुनाव में AAP प्रमुख और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली से चुनाव लड़ेंगे केजरीवाल के खिलाफ बीजेपी के सुनील यादव व कांग्रेस से रोमेश सभरवाल होंगे। इस सीट का महामुकाबला बाकी सीटों से ज्यादा दिलचस्प होगा। जबकि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पटपड़गंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।मनीष सिसोदिया के सामने बीजेपी उम्मीदवार रवि नेगी और कांग्रेस से लक्ष्मण रावत होगें। AAP ने चांदनी चौक से परल सिंह सिंहनी, द्वारका से विनय कुमार मिश्रा और गांधी नगर से दीपू चौधरी को भी टिकट दिया है।

भारतीय जनता पार्टी- इस बार भाजपा ने सुनील यादव को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मैदान में उतारा है। 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने किरन बेदी (पहली महिला IPS अधिकारी) को केजरीवाल के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा था। लेकिन वह चुनाव हार गयीं थी। दिल्ली विधानसभा के एक पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा, जो आम आदमी पार्टी से 2015 में करावल नगर सीट से चुनाव जीते थे, इस बार उनको भाजपा ने मॉडल टाउन से मैदान में उतारा गया। जहां से आप के अखिलेश पति त्रिपाठी प्रत्याशी हैं।
भाजपा उम्मीदवारों की सूची में एक और प्रमुख नाम तेजिंदरपाल बग्गा हैं जिन्हें हरि नगर से मैदान में उतारा गया है। जिनका मुकाबला आप की राजकुमारी ढिल्लों से है। पार्टी ने कालका जी में धर्मवीर सिंह को आप की आतिशी के खिलाफ मैदान में उतारा है।

घोषणा पत्र- AAP, BJP और कांग्रेस का फ्री स्कीम पर फोकस
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सहित तीनों दलों ने अपने-अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं। तीनों ही दलों ने अपने घोषणापत्रों को फ्री स्कीम्स और लोक लुभावने वादों के साथ पेश किया है। तीनों दलों की प्रमुख मुफ्त योजनाओं के बारे में विस्तार से जानें.... 

आम आदमी पार्टी 

  • 'आप' के घोषणा-पत्र की 10 अहम बातें
  • दिल्ली को पूर्ण राज्य और जनलोकपाल लाने का वादा
  • दिल्लीवासियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पानी, 24 घंटे बिजली।
  • 'आप' ने चुनाव जीतने पर घर-घर राशन पहुंचाने का वादा किया है।
  • दस लाख वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त तीर्थयात्रा कराने का लक्ष्य है।
  • 'आप' फिर से सत्ता में आती है तो 24 घंटे बाजार खोलने की अनुमति देने के लिए प्रायोगिक परियोजना गठित।  
  • स्कूलों में देश भक्ति पाठ्यक्रम शुरू होगा- जिस तरह से हैप्पीनेस पाठ्यक्रम शुरू किया, वैसे ही देशभक्ति पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। 
  • सीवर सफाई कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर उसके परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
  • यमुना को पूरी तरह से साफ करेंगे।
  • 1984 सिख दंगे के पीड़ितों के न्याय के लिए हम आवाज उठाएंगे।
  • किसानों के हक में भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन करेंगे।

 
भाजपा के घोषणा पत्र की 10 अहम बातें

  • नई अधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए कॉलोनी डेवलपमेंट बोर्ड बनाने की बात। 
  • गरीबों को हम अच्छी गुणवत्ता का आटा दो रुपये किलो में देंगे। 
  • पानी के टैंकर मुक्त दिल्ली देंगे और लोगों को हर घर में जल देगें।
  • आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और किसान सम्मान निधि को सरकार बनते ही लागू करेंगे। 
  • 10 नए कॉलेज और 200 नए स्कूल दिल्ली बनाएं जाएंगे।
  • बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओं अभियान के तहत गरीब परिवार की बेटी के खाते में पैसे डालेंगे। बेटी के 21 साल के होने पर दो लाख रुपये देंगे।
  • कॉलेज जाने वाली गरीब छात्राओं को स्कूल जाने के लिए स्कूटी देंगे। 
  • गरीब विधवा की बेटी की शादी के लिए 51 हजार रुपये दिए जाएंगे। 
  • कॉन्ट्रैक्ट वर्कर को नौकरी की सुरक्षा मिलेगी। 
  • सरकार में आते ही फिट इंडिया और खेलो इंडिया के तर्ज पर दिल्ली के लिए नई खेल नीति बनाएंगे। 

कांग्रेस के घोषणा पत्र की 10 अहम बातें

  • बजट का 25 फीसदी हिस्सा प्रदूषण को नियंत्रित करने पर खर्च करेंगे।
  • 300 यूनिट तक फ्री बिजली देगें। 
  • छोटे दुकानदारों को दो सौ यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की योजना।
  • सभी वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन 2500 से बढ़ाकर 5000 की जाएगी।
  • लड़कियों को पीएचडी स्तर तक की शिक्षा निःशुल्क देंगे।
  • सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण।
  • अवैध कॉलोनियों के लिए 35,000 करोड़ का बजट आवंटित करेगें। 
  • स्नात्तक और स्नात्तकोत्तर बेरोजगार युवाओं को 7500 बेरोजगारी भत्ता।
  • 6 महीने के भीतर जनलोकपाल बिल लाएंगे।
  • AIIMS जैसे पांच नए सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल बनाए जाएंगे।


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Delhi Election: Campaign ends, after two days, 1.52 million voters will decide the fate of 672 candidates
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