बंगामाता ने महत्वपूर्ण समय में देश के इतिहास को बदलने वाला फैसला किया था : हसीना

ढाका, 9 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि मेरी मां बंगामाता फाजिलातुन्नेस मुजीब के महत्वपूर्ण समय में किए गए एक सही फैसले ने देश के राजनीतिक इतिहास में बदलाव लाया था। बंगामाता फाजिलातुन्नेस मुजीब की 90 वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी मां ने पैरोल पर बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की रिहाई के प्रस्ताव को ठुकराते हुए सही निर्णय लिया था। जबकि इससे उनकी जिंदगी को खतरा था।फाजिलातुन्नेस मुजीब का जन्म 8 अगस्त 1930 को गोपालगंज के तुंगीपारा गांव में हुआ था। 15 अगस्त, 1975 को शेख मुजीबुर रहमान के हत्यारों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। हसीना ने शनिवार को कहा, उस समय लिए गए सही निर्णय ने पाकिस्तानी सैन्य तानाशाह अयूब खान को अगरतला षड्यंत्र केस वापस लेने और बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास के पाठ्यक्रम को बदलने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने आगे कहा, मेरी मां के राजनीतिक क्षेत्र में दिए गए योगदान के बारे में सबसे अच्छी बात यह थी कि मेरी मां ने महत्वपूर्ण समय पर सही फैसले लिए थे। जबकि दुर्भाग्य से कई शीर्ष नेता ऐसा करने में असफल रहे थे। बता दें कि हसीना, फाजिलतुन्नेस मुजीब की बड़ी बेटी हैं। .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....Bangamata had decided to change the history of the country at a critical time: Hasina. ..

बंगामाता ने महत्वपूर्ण समय में देश के इतिहास को बदलने वाला फैसला किया था : हसीना
ढाका, 9 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि मेरी मां बंगामाता फाजिलातुन्नेस मुजीब के महत्वपूर्ण समय में किए गए एक सही फैसले ने देश के राजनीतिक इतिहास में बदलाव लाया था। बंगामाता फाजिलातुन्नेस मुजीब की 90 वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी मां ने पैरोल पर बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की रिहाई के प्रस्ताव को ठुकराते हुए सही निर्णय लिया था। जबकि इससे उनकी जिंदगी को खतरा था।फाजिलातुन्नेस मुजीब का जन्म 8 अगस्त 1930 को गोपालगंज के तुंगीपारा गांव में हुआ था। 15 अगस्त, 1975 को शेख मुजीबुर रहमान के हत्यारों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। हसीना ने शनिवार को कहा, उस समय लिए गए सही निर्णय ने पाकिस्तानी सैन्य तानाशाह अयूब खान को अगरतला षड्यंत्र केस वापस लेने और बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास के पाठ्यक्रम को बदलने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने आगे कहा, मेरी मां के राजनीतिक क्षेत्र में दिए गए योगदान के बारे में सबसे अच्छी बात यह थी कि मेरी मां ने महत्वपूर्ण समय पर सही फैसले लिए थे। जबकि दुर्भाग्य से कई शीर्ष नेता ऐसा करने में असफल रहे थे। बता दें कि हसीना, फाजिलतुन्नेस मुजीब की बड़ी बेटी हैं। .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....Bangamata had decided to change the history of the country at a critical time: Hasina. ..