गृह मंत्रालय ने राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट, काउंटिंग के दौरान हिंसा की आशंका

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों के लिए मतगणना से एक दिन पहले बुधवार को, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कानून व्यवस्था, शांति और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाने के लिए कहा है। एक अधिकारी ने बयान में कहा कि, 'गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को मतगणना के सिलसिले में देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा भड़कने की आशंका के बारे में सूचित किया है।' मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से एक बार फिर स्ट्रॉन्ग रूम और वोटों की गिनती वाले स्थानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय करने के लिए कहा है। अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि कुछ संगठनों और व्यक्तियों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा में कुछ ऐसे बयान दिए गए हैं, जिससे हिंसा और मतगणना प्रक्रिया बाधित हो सकती है। बता दें कि 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी। इसकी काउंटिंग गुरुवार को होगी। लोकसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान भी कुछ जगहों पर हिंसा देखने को मिली थी। पश्चिम बंगाल में वोटिंग के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए भाजपा चुनाव आयोग से राज्य में आचार संहिता खत्म होने तक केंद्रीय सशस्त्र बलों को तैनात करने का आग्रह किया था। बीजेपी ने आशंका व्यक्त की थी कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मतदान समाप्त होने के बाद मतदाताओं के एक वर्ग को निशाना बना सकती है। मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया था कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार का विरोध करने वाले कई मतदाताओं को मतदान केंद्रों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई।  

गृह मंत्रालय ने राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट, काउंटिंग के दौरान हिंसा की आशंका
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों के लिए मतगणना से एक दिन पहले बुधवार को, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अलर्ट जारी किया गया है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कानून व्यवस्था, शांति और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाने के लिए कहा है। एक अधिकारी ने बयान में कहा कि, 'गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को मतगणना के सिलसिले में देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा भड़कने की आशंका के बारे में सूचित किया है।' मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से एक बार फिर स्ट्रॉन्ग रूम और वोटों की गिनती वाले स्थानों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय करने के लिए कहा है। अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि कुछ संगठनों और व्यक्तियों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और त्रिपुरा में कुछ ऐसे बयान दिए गए हैं, जिससे हिंसा और मतगणना प्रक्रिया बाधित हो सकती है। बता दें कि 11 अप्रैल से 19 मई तक सात चरणों में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी। इसकी काउंटिंग गुरुवार को होगी। लोकसभा चुनाव की वोटिंग के दौरान भी कुछ जगहों पर हिंसा देखने को मिली थी। पश्चिम बंगाल में वोटिंग के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए भाजपा चुनाव आयोग से राज्य में आचार संहिता खत्म होने तक केंद्रीय सशस्त्र बलों को तैनात करने का आग्रह किया था। बीजेपी ने आशंका व्यक्त की थी कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मतदान समाप्त होने के बाद मतदाताओं के एक वर्ग को निशाना बना सकती है। मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया था कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार का विरोध करने वाले कई मतदाताओं को मतदान केंद्रों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई।