एफएटीएफ से संबंधित विधेयकों पर चर्चा के लिए पाक संसद का संयुक्त सत्र

इस्लामाबाद, 30 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स (एफएटीएफ) संबंधित विधेयकों पर चर्चा करने के लिए संसद का संयुक्त सत्र बुलाया, जिसे बुधवार को नेशनल असेंबली में पारित किया गया था। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि सरकार की रणनीति के अनुसार, अगर सीनेट इसे अस्वीकार करता है तो एफएटीएफ से संबंधित विधेयकों को संयुक्त सत्र द्वारा अनुमोदित (अप्रूव) किया जाएगा। दोनों विधेयकों का उद्देश्य एफएटीएफ की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करना है, जो कि एक अंतर-सरकारी संगठन है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक के वित्तपोषण के खिलाफ वैश्विक नीतियों को निर्धारित करता है। पाकिस्तान को जून 2018 में एफएटीएफ की ग्रे सूची में रखा गया था। पाकिस्तान ग्रे सूची से बाहर आने और गैर-अनुपालन वाले देशों की काली सूची (ब्लैक लिस्ट) से बचने के लिए संगठन की 27 सूत्रीय कार्य योजना पर खरा दिखना चाहता है। प्रस्तावित विधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्तावों के संबंध में विभिन्न उपायों को लागू करने के लिए संघीय सरकार द्वारा अधिकारियों को दिशानिर्देश की मांग करता है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, इन उपायों में संपत्ति की जब्ती और इसे फ्रीज करना, यात्रा प्रतिबंध और संस्थाओं एवं व्यक्तियों से संबंधित हथियारों के मामले में कार्रवाई शामिल हैं, जो संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में निर्दिष्ट हैं। कोरोनावायरस महामारी के कारण पाकिस्तान को अपनी 27-सूत्रीय कार्ययोजना को पूरा करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय भी मिला है। .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....Joint Session of Pak Parliament to discuss FATF related Bills. ..

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इस्लामाबाद, 30 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स (एफएटीएफ) संबंधित विधेयकों पर चर्चा करने के लिए संसद का संयुक्त सत्र बुलाया, जिसे बुधवार को नेशनल असेंबली में पारित किया गया था। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि सरकार की रणनीति के अनुसार, अगर सीनेट इसे अस्वीकार करता है तो एफएटीएफ से संबंधित विधेयकों को संयुक्त सत्र द्वारा अनुमोदित (अप्रूव) किया जाएगा। दोनों विधेयकों का उद्देश्य एफएटीएफ की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करना है, जो कि एक अंतर-सरकारी संगठन है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक के वित्तपोषण के खिलाफ वैश्विक नीतियों को निर्धारित करता है। पाकिस्तान को जून 2018 में एफएटीएफ की ग्रे सूची में रखा गया था। पाकिस्तान ग्रे सूची से बाहर आने और गैर-अनुपालन वाले देशों की काली सूची (ब्लैक लिस्ट) से बचने के लिए संगठन की 27 सूत्रीय कार्य योजना पर खरा दिखना चाहता है। प्रस्तावित विधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्तावों के संबंध में विभिन्न उपायों को लागू करने के लिए संघीय सरकार द्वारा अधिकारियों को दिशानिर्देश की मांग करता है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, इन उपायों में संपत्ति की जब्ती और इसे फ्रीज करना, यात्रा प्रतिबंध और संस्थाओं एवं व्यक्तियों से संबंधित हथियारों के मामले में कार्रवाई शामिल हैं, जो संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में निर्दिष्ट हैं। कोरोनावायरस महामारी के कारण पाकिस्तान को अपनी 27-सूत्रीय कार्ययोजना को पूरा करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय भी मिला है। .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....Joint Session of Pak Parliament to discuss FATF related Bills. ..