अयोध्या निर्णय:'मेरे भाइयों के बलिदान को मेरी मां ने 25 साल तक जिया'

राम कोठारी आज जिंदा होते तो बीकानेर में अपना कारोबार कर रहे होते या फिर कोलकाता में पिता का व्यवसाय संभाल रहे होते। लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था। राम मंदिर के लिए 1990 में हुई कारसेवा में शामिल...

अयोध्या निर्णय:'मेरे भाइयों के बलिदान को मेरी मां ने 25 साल तक जिया'
राम कोठारी आज जिंदा होते तो बीकानेर में अपना कारोबार कर रहे होते या फिर कोलकाता में पिता का व्यवसाय संभाल रहे होते। लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था। राम मंदिर के लिए 1990 में हुई कारसेवा में शामिल...