जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सभी देश दें योगदान: हसीना

ढाका, 9 सितंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सभी देशों से आग्रह किया है कि वे जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए अपने निर्धारित योगदान को बढ़ाएं। मंगलवार को बांग्लादेश में ग्लोबल सेंटर ऑन एडैप्टेशन (जीसीए) के दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर हसीना ने कहा, जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक मामला है। मैं सभी देशों से आग्रह करूंगी कि वे इस साल 31 दिसंबर तक राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित किए गए योगदान को बढ़ाएं। साथ ही मैं 2015 के पेरिस समझौते को भी लागू करना चाहूंगी। हसीना ने कहा, मेरा मानना है कि हम सभी मिलकर सुरक्षित और बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। हसीना ने संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव और जीसीए अध्यक्ष बान की मून के साथ इस रीजनल ऑफिस का उद्घाटन किया। इस मौके पर हसीना ने यह भी कहा कि इससे पहले कि लोग एक प्राकृतिक आपदा से उबरें तब तक दूसरा हमला हो जाता है, जो पूरी प्रगति को उलट कर रख सकता है। इसे खत्म करने के लिए दक्षिण एशिया को अधिक लचीलापन बनाने की आवश्यकता है। ढाका में इस केंद्र का उद्घाटन बंगबंधु शेख मुजीबुल रहमान की जन्म शताब्दी को समर्पित किया गया है। कार्यक्रम में डच प्रधानमंत्री मार्क रुटे भी इस वर्चुअल प्रोग्राम में शामिल हुए। वहीं जीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. पैट्रिक वी वेरकोइजेन ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर हसीना ने कोरोनोवायरस प्रभावों से लड़ने के लिए राष्ट्रों के बीच अधिक सहयोग का भी आह्वान किया। बता दें कि बांग्लादेश सरकार ने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से पैदा होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए बांग्लादेश डेल्टा योजना -2100 नाम से एक 100-वर्षीय योजना तैयार की है। एसडीजे-एसकेपी .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....All countries should contribute to tackle climate change: Hasina. ..

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सभी देश दें योगदान: हसीना
ढाका, 9 सितंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सभी देशों से आग्रह किया है कि वे जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए अपने निर्धारित योगदान को बढ़ाएं। मंगलवार को बांग्लादेश में ग्लोबल सेंटर ऑन एडैप्टेशन (जीसीए) के दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर हसीना ने कहा, जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक मामला है। मैं सभी देशों से आग्रह करूंगी कि वे इस साल 31 दिसंबर तक राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित किए गए योगदान को बढ़ाएं। साथ ही मैं 2015 के पेरिस समझौते को भी लागू करना चाहूंगी। हसीना ने कहा, मेरा मानना है कि हम सभी मिलकर सुरक्षित और बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। हसीना ने संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव और जीसीए अध्यक्ष बान की मून के साथ इस रीजनल ऑफिस का उद्घाटन किया। इस मौके पर हसीना ने यह भी कहा कि इससे पहले कि लोग एक प्राकृतिक आपदा से उबरें तब तक दूसरा हमला हो जाता है, जो पूरी प्रगति को उलट कर रख सकता है। इसे खत्म करने के लिए दक्षिण एशिया को अधिक लचीलापन बनाने की आवश्यकता है। ढाका में इस केंद्र का उद्घाटन बंगबंधु शेख मुजीबुल रहमान की जन्म शताब्दी को समर्पित किया गया है। कार्यक्रम में डच प्रधानमंत्री मार्क रुटे भी इस वर्चुअल प्रोग्राम में शामिल हुए। वहीं जीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. पैट्रिक वी वेरकोइजेन ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर हसीना ने कोरोनोवायरस प्रभावों से लड़ने के लिए राष्ट्रों के बीच अधिक सहयोग का भी आह्वान किया। बता दें कि बांग्लादेश सरकार ने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से पैदा होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए बांग्लादेश डेल्टा योजना -2100 नाम से एक 100-वर्षीय योजना तैयार की है। एसडीजे-एसकेपी .Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.....All countries should contribute to tackle climate change: Hasina. ..